रे-बन

 क्यों है खफा इतनी वफ़ा के बाद !

सोचता हूँ मैं तेरी सर्द आँखों के  नीचे बैठ कर !!


जिन आँखों में चमक थी खुशिओं की !

बरबाद हो गए है रे-बन उस नमी के बाद !!


क्या बताऊ कितना संभाला है खुद को !

पर संभल नहीं पाया हूँ उस फिसलन के बाद !!


कोशिश तो बहुत की थी, कि भुला दे तुझे !

लेकिन भूल नहीं पाया हूँ मैं , तेरे  जाने  के  बाद !!

दूर

  जहा से चला था आज वही खड़ा हूँ  अंजानो से पता पूछता हुआ निकला हूँ  अपनों के सपनो में दबा हुआ  हकीकत से दूर भागता रहा हूँ सच को जेब में दबा क...

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