क्यों है खफा इतनी वफ़ा के बाद !
सोचता हूँ मैं तेरी सर्द आँखों के नीचे बैठ कर !!
जिन आँखों में चमक थी खुशिओं की !
बरबाद हो गए है रे-बन उस नमी के बाद !!
क्या बताऊ कितना संभाला है खुद को !
पर संभल नहीं पाया हूँ उस फिसलन के बाद !!
कोशिश तो बहुत की थी, कि भुला दे तुझे !
लेकिन भूल नहीं पाया हूँ मैं , तेरे जाने के बाद !!