वो हर पल है
वो
लम्हातो जस्बातो यादो में
है
सिमट
के रह गए अल्फाजो
में है
शिसकती
सी सांसो में है
बेचैन
से वादों में है
करवट
लेती अंगड़ाई में है
आहें भरते एहसासों में है
दरवाजे
दस्तको में है
दरकत
दर दरकत पड़े अश्को में है
प्यासी
चीखों में है
रुवासी
आँखों में है
तन्हा
लम्हो में है
उड़ते
पतंगों में है
कूचे
के कोनो में है
गलियों
की मीनारो में है
हर
जगह हर फलक हर
घडी
मेरे
पास मेरे साथ मेरे हर फकत में
है
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