NOBoDY

वो हर पल है

वो लम्हातो जस्बातो यादो में है
सिमट के रह गए अल्फाजो में है

शिसकती सी सांसो में है
बेचैन से वादों में है

करवट लेती अंगड़ाई में है
आहें भरते एहसासों में है

दरवाजे दस्तको में है
दरकत दर दरकत पड़े अश्को में है

प्यासी चीखों में है
रुवासी आँखों में है

तन्हा लम्हो में है
उड़ते पतंगों में है

कूचे के कोनो में है
गलियों की मीनारो में है

हर जगह हर फलक हर घडी
मेरे पास मेरे साथ मेरे हर फकत में है

दूर

  जहा से चला था आज वही खड़ा हूँ  अंजानो से पता पूछता हुआ निकला हूँ  अपनों के सपनो में दबा हुआ  हकीकत से दूर भागता रहा हूँ सच को जेब में दबा क...

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