मतवारी

------  KAithAl  ------
मीरा अपने प्रभु की दीवानी
और मैं मीरा के प्रेम में खो गया
प्रभु के संग में गाती
प्रभु के साथ खो गयी
और मैं मीरा के प्रेम में खो गया
नाचे बनके मतवारी
जैसे किया हो कोई मदपान
और उसके मद मद में
मैं भी मतवारा हो गया
मीरा तो अपने प्रभु की दीवानी
और मैं मीरा के प्रेम में खो गया
अपने प्रेम का घर बनाके
प्रभु को कर लिया कैद रे
और मीरा के प्रेम में
मैं भी अपराधी हो गया
मीरा तो प्रेम दीवानी
और मैं उसके प्रेम में खो गया

दूर

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