अश्क

---------KAITHAL--------
झंझोर लिया है मुझे,
तेरी याद ने।
अश्क बाकि ना अब।
रातो में, फिर भी ना जाने कहा से।
चले आते है, बिन बुलाये।
बेचेन, उदास, बेसब्र से।
खीच ले जाते है, मुझे।
तेरी यादो की, उस देहलीज पे।
बेसब्र से, उलझे हुए तेरी यादो में।
ये अश्क।
एक बिकराल सी खामोसी में।
डूब जाते है, तेरी यादो में।
बुदबुदाते हुए तेरा नाम।
चीखते हुए,
झंझोरते हुए,
टीसते हुए, खुद को।
मिट जाते है, ये अश्क।
तेरी यादो की उन यादो में।
तेरी याद, तेरे नाम में

दूर

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