NOBoDY

वो हर पल है

वो लम्हातो जस्बातो यादो में है
सिमट के रह गए अल्फाजो में है

शिसकती सी सांसो में है
बेचैन से वादों में है

करवट लेती अंगड़ाई में है
आहें भरते एहसासों में है

दरवाजे दस्तको में है
दरकत दर दरकत पड़े अश्को में है

प्यासी चीखों में है
रुवासी आँखों में है

तन्हा लम्हो में है
उड़ते पतंगों में है

कूचे के कोनो में है
गलियों की मीनारो में है

हर जगह हर फलक हर घडी
मेरे पास मेरे साथ मेरे हर फकत में है

मतवारी

------  KAithAl  ------
मीरा अपने प्रभु की दीवानी
और मैं मीरा के प्रेम में खो गया
प्रभु के संग में गाती
प्रभु के साथ खो गयी
और मैं मीरा के प्रेम में खो गया
नाचे बनके मतवारी
जैसे किया हो कोई मदपान
और उसके मद मद में
मैं भी मतवारा हो गया
मीरा तो अपने प्रभु की दीवानी
और मैं मीरा के प्रेम में खो गया
अपने प्रेम का घर बनाके
प्रभु को कर लिया कैद रे
और मीरा के प्रेम में
मैं भी अपराधी हो गया
मीरा तो प्रेम दीवानी
और मैं उसके प्रेम में खो गया

अश्क

---------KAITHAL--------
झंझोर लिया है मुझे,
तेरी याद ने।
अश्क बाकि ना अब।
रातो में, फिर भी ना जाने कहा से।
चले आते है, बिन बुलाये।
बेचेन, उदास, बेसब्र से।
खीच ले जाते है, मुझे।
तेरी यादो की, उस देहलीज पे।
बेसब्र से, उलझे हुए तेरी यादो में।
ये अश्क।
एक बिकराल सी खामोसी में।
डूब जाते है, तेरी यादो में।
बुदबुदाते हुए तेरा नाम।
चीखते हुए,
झंझोरते हुए,
टीसते हुए, खुद को।
मिट जाते है, ये अश्क।
तेरी यादो की उन यादो में।
तेरी याद, तेरे नाम में

दूर

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