तेरे प्यार में होक पागल, फिरता हूँ मैं मतवाला।
कैथल जैसे उड़े पाके तिनका, तूफा का सहारा।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
दूर
जहा से चला था आज वही खड़ा हूँ अंजानो से पता पूछता हुआ निकला हूँ अपनों के सपनो में दबा हुआ हकीकत से दूर भागता रहा हूँ सच को जेब में दबा क...
लोकप्रिय पोस्ट
-
------ KAithAl ------ एक छोटा सा सफ़र था हमारा जाने कब कट गया पता ही ना चला कुछ मिठास समेटे हुए कुछ तेरी बात समेटे हुए कुछ उम्मीद...
-
------ KAithAl ------ मीरा अपने प्रभु की दीवानी और मैं मीरा के प्रेम में खो गया प्रभु के संग में गाती प्रभु के साथ खो गयी और मैं मीरा...
-
---------KAITHAL-------- झंझोर लिया है मुझे, तेरी याद ने। अश्क बाकि ना अब। रातो में, फिर भी ना जाने कहा से। चले आते है, बिन बुलाये। बे...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें