सीख

             ------- kAithAl -------

जिंदगी के चंद पलो में ही हम बहुत कुछ सीख गए
छोटी सी उम्र में ही हम बहुत कुछ सीख गए
फ़िक्र तो ये है, कि छुपाने और बताने को अब कुछ ना रहा
इतने से ही पालो में हम बहुत कुछ सीख गए
छोटी सी उम्र में ही हम बहुत कुछ सीख गए

यादे तसब्बुर में कितने राज छुपाये है हमने
वक़्त के साथ अब हम उन्हें छुपाना भी सीख गए

दिन ढले शाम तले कुछ बाते याद आती है
अब उन बातो को नज़र अंदाज करना भी हम सीख गए

सिखाया वक़्त ने या हम खुद ही सीख गए
जिंदगी के चंद पलो में ही हम बहुत कुछ सीख गए
छोटी सी उम्र में ही हम बहुत कुछ सीख गए
वक़्त के साथ अब हम अपने अशुओ को छुपाना भी सीख गए
छोटी सी उम्र में ही हम बहुत कुछ सीख गए

इंतिजार

          ------  KAithAl  ------
ये इंतिजार भी बड़ी अजीब चीज है
कैथल, आँखों से नींद ही चुरा लेती है ।
रात यू ही कट जाती है करवटो में,
कुछ तो बात जरुर होगी ।

कभी तो नींद आयेगी शायद, तब इंतिजार खत्म हो ।
कुछ आस अभी भी बाकी है, शायद उन्हें जी पाऊ ।
रात का एक पेहेर तो कटता नहीं ।
ना जाने जिन्दगी कैसे कटेगी ?

घर का वो आइना, आज भी तेरी राह तकता है ।
धुन्दला गया है अब वो भी, इंतिजार में ।
ये इंतिजार भी बड़ी अजीब चीज है ।

दूर

  जहा से चला था आज वही खड़ा हूँ  अंजानो से पता पूछता हुआ निकला हूँ  अपनों के सपनो में दबा हुआ  हकीकत से दूर भागता रहा हूँ सच को जेब में दबा क...

लोकप्रिय पोस्ट